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बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन, आंध्र पर फिर चक्रवात का खतरा

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बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन, आंध्र तट पर चक्रवात अलर्ट

प्रतीकात्मक फोटो: विशाखापत्तनम तट | Drashokk / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

सार: दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार (31 अक्टूबर) सुबह 11:30 बजे डिप्रेशन (अवदाब) में बदल गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान बन सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंच सकता है। चक्रवात अर्नब की मार झेल चुके आंध्र के तटीय जिलों में फिर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

अभी कहां है सिस्टम

IMD के कोलकाता स्थित क्षेत्र चक्रवात चेतावनी केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, डिप्रेशन का केंद्र 10.0° उत्तरी अक्षांश और 90.2° पूर्वी देशांतर के पास है। यह श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से करीब 330 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, कार निकोबार से 300 किमी, चेन्नई से 1,140 किमी और मछलीपट्टनम से करीब 1,200 किमी दक्षिण-पूर्व में है।

IMD का कहना है कि सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 12 घंटे में गहरे डिप्रेशन में और उसके बाद के 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।

कब और कहां पड़ेगा असर

IMD की जिलावार चेतावनी के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर को भारी बारिश, 2 नवंबर को अत्यधिक भारी बारिश, 3 नवंबर को बहुत भारी और 4 नवंबर को भारी बारिश के आसार हैं। रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार ओडिशा में भी 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट है।

  • 1 नवंबर शाम से आंध्र, उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी तट पर 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं
  • 2 नवंबर दोपहर तक आंध्र तट पर 65-75 किमी प्रति घंटे, झोंके 85 किमी प्रति घंटे तक
  • 2 नवंबर शाम से 3 नवंबर दोपहर तक 80-90 किमी प्रति घंटे, झोंके 100 किमी प्रति घंटे तक

अर्नब से कमजोर रहने का अनुमान

IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने समाचार एजेंसी PTI से कहा कि संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटे रह सकती है और यह मंगलवार (3 नवंबर) सुबह आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल कर सकता है। यानी यह हाल में आए चक्रवात अर्नब से कम तीव्र रहने का अनुमान है। 4 नवंबर सुबह तक हवा की रफ्तार घटकर करीब 60 किमी प्रति घंटे रह जाने और उसके बाद मौसम सुधरने की उम्मीद है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र ने उत्तरी और दक्षिणी आंध्र तट के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अभी से उग्र से बहुत उग्र बताई गई है। सिस्टम की दिशा और लैंडफॉल के सटीक स्थान को लेकर तस्वीर अगले बुलेटिनों में और साफ होगी। NEWS INDIA 24×7 इस खबर को लगातार अपडेट करेगा।

स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन, PTI व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट। फीचर्ड फोटो (प्रतीकात्मक): विशाखापत्तनम तट, Drashokk / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0।

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