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INDIA गठबंधन का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ बारिश के कारण टला, अब शनिवार को; राहुल गांधी बोले- 1 नवंबर को रामलीला मैदान रैली होकर रहेगी

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चित्र साभार: Himanshu Arya Khowal / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

चित्र साभार: Himanshu Arya Khowal / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

सार: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन का प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ शुक्रवार को दिल्ली में बारिश के कारण टाल दिया गया। अब यह कार्यक्रम शनिवार को उसी समय होगा। राहुल गांधी ने साफ किया कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान की रैली तय कार्यक्रम के मुताबिक होगी।

खरगे के आवास पर होना था कार्यक्रम

विपक्षी गठबंधन का यह कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नई दिल्ली स्थित आवास पर होना था। लेकिन राजधानी में लगातार बारिश और लॉन में जलभराव के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। प्रस्तावित रूपरेखा के मुताबिक, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी, खरगे ‘प्रस्ताव’ रखेंगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समापन भाषण देंगे। गठबंधन के हर दल से एक-एक नेता के बोलने की संभावना है।

राहुल गांधी: ‘बुजुर्गों का बारिश में बैठना ठीक नहीं’

कार्यक्रम टलने के बाद खरगे के आवास पर ही मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सभी दलों की सहमति से कार्यक्रम को शनिवार तक टाला गया है, क्योंकि बारिश में वरिष्ठ नागरिकों को बैठाना असुविधाजनक होता। उन्होंने कहा कि शनिवार को ठीक यही कार्यक्रम उसी समय होगा।

राहुल ने यह भी कहा कि इसके अगले दिन रामलीला मैदान तक मार्च होगा, जिसमें विपक्षी दलों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता, नागरिक समाज और आम लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों कार्यक्रम देश के लोकतंत्र को कमजोर किए जाने के खिलाफ हैं और इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। राहुल ने यह दावा भी किया कि लोगों को रैली में आने से रोका जा रहा है।

‘मॉक पार्लियामेंट’ से ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ तक

पहले इस कार्यक्रम को ‘मॉक पार्लियामेंट’ कहा जा रहा था, लेकिन सार्वजनिक स्थल पर अनुमति न मिलने के बाद इसका नाम बदल दिया गया। झामुमो सांसद महुआ माजी के मुताबिक, नया नाम इसलिए चुना गया ताकि यह ‘सत्ता बनाम विपक्ष’ की बहस न लगे और हर किसी को अपनी बात रखने का मौका मिले। गठबंधन ने यह भी कहा है कि वह ऐसी किसी छवि से बचेगा जिससे संसद जैसी संस्था का मजाक उड़ता दिखे।

विपक्ष के आरोप, भाजपा का पलटवार

विपक्ष का आरोप है कि SIR के बाद मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां हुई हैं, इसलिए वह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि रैली से पहले ट्रेनें रद्द की जा रही हैं और लोगों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने छात्रों, युवाओं, मजदूरों और गृहिणियों से 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की अपील की।

दूसरी ओर, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने रैली को ‘राजनीतिक ड्रामा’ बताया और कहा कि किसी को कहीं जाने से नहीं रोका जा रहा, कांग्रेस SIR को लेकर भ्रम फैला रही है। भाजपा अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।

रामलीला मैदान में कड़े सुरक्षा इंतजाम

1 नवंबर की ‘चलो दिल्ली’ रैली के लिए दिल्ली पुलिस 3,000 से ज्यादा जवान तैनात करेगी और 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें एआई आधारित निगरानी प्रणाली भी शामिल है। मैदान को भीड़ प्रबंधन के लिए 14 जोन में बांटा गया है। जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद यह रामलीला मैदान पर पहला बड़ा प्रदर्शन होगा। चुनाव आयोग की ओर से इस प्रतीकात्मक कार्यक्रम पर फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।

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