चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा में बाढ़: गंजाम-गजपति में 546 मिमी तक बारिश, कोस्ट गार्ड का हेलीकॉप्टर बचाव शुरू
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फोटो: Rajeshlipantd / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
चक्रवात ‘अर्नब’ भले ही कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल चुका हो, लेकिन दक्षिण ओडिशा में इसका असर अब बाढ़ के रूप में दिख रहा है। गंजाम और गजपति जिलों में लगातार हुई अति भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों के गांव पानी में घिर गए हैं और प्रशासन बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चला रहा है।
लाइव अपडेट: कोस्ट गार्ड ने गंजाम में हेलीकॉप्टर बचाव शुरू किया; समुद्र में फंसे जहाज से 13 चालक दल सुरक्षित
- भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) ने गंजाम में बाढ़ से घिरे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने का काम शुरू कर दिया है। ओडिशा सरकार इस अभियान के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ तालमेल बनाए हुए है।
- मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक गंजाम के करीब 300 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें 70 गांव पूरी तरह कट गए हैं। इन 70 गांवों के लगभग 2,328 लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की योजना है।
- गुरुवार दोपहर कोस्ट गार्ड के हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान पूरी हो गई। आगे और उड़ानें होंगी।
- आंध्र तट पर मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला मालवाहक जहाज ‘सिग्मा पर्ल’ डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के अंतरवेदी के पास समुद्र में फंस गया। विशाखापत्तनम से सिंगापुर जा रहा यह जहाज ‘अर्नब’ के प्रभाव से उफनते समुद्र में घिर गया था। तटरक्षक बल ने इसके 13 चालक दल सदस्यों को हेलीकॉप्टर से जहाज ‘सुजय’ पर पहुंचाया; बाकी 7 को निकालने का अभियान जारी है।
- रेलवे: इच्छापुरम और झाडूपुडी के बीच पुल संख्या 1052 के नीचे बाढ़ का पानी आने से दक्षिण तटीय रेलवे ने विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर के बीच ट्रेनें फिलहाल रोक दी हैं। करीब 9 छोटी दूरी की ट्रेनें रद्द और लगभग 16 ट्रेनें डायवर्ट की गई हैं।
कहां कितनी बारिश
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक गंजाम के पात्रपुर में करीब 546 मिमी बारिश दर्ज हुई। सनाखेमुंडी में 386 मिमी और मोहना में 307 मिमी पानी बरसा। इतनी कम अवधि में इतनी बारिश ने नदी-नालों को उफान पर ला दिया।
कितने लोग प्रभावित
- गंजाम के 22 ब्लॉकों में करीब 42,500 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति के सात ब्लॉकों में लगभग 20,000 लोगों पर असर पड़ा है।
- गंजाम में 11,800 और गजपति में 17,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
- गजपति में महेंद्रतनया नदी का पानी गोशानी ब्लॉक के बघासाला, भिन्नाला और बापूजी पेठ जैसे इलाकों में घुस गया, जिससे खेतों को भी नुकसान हुआ।
हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान शुरू
राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर कोस्ट गार्ड का हेलीकॉप्टर तैनात कराया है, जिसने बाढ़ में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने का काम शुरू कर दिया है। जमीन पर गंजाम में ODRAF की 27, NDRF की तीन और अग्निशमन सेवा की 24 टीमें लगी हैं, जबकि गजपति में ODRAF की 12, NDRF की एक और फायर सर्विस की 12 टीमें तैनात हैं।
‘जीरो कैजुअल्टी’ का दावा कायम
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के अनुसार राज्य के 17 जिले प्रभावित हुए, लेकिन समय पर निकासी की वजह से अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। तूफान से पहले आठ जिलों में 43 हजार से ज्यादा लोगों को 634 राहत शिविरों में भेजा गया था। करीब 2,245 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया गया, जहां 900 से अधिक बच्चों का जन्म हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा समेत प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम भेजी जानी है।
सार: आंध्र में तूफान का सीधा वार थम गया है, पर दक्षिण ओडिशा में असली चुनौती अब बाढ़ से घिरे लोगों तक पहुंचना और राहत शिविरों में हजारों परिवारों की देखभाल है।
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