Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

NEWS INDIA 24×7

सच दिखता है

नवंबर के अंत तक सभी पैक्स सोसायटी कंप्यूटरीकृत की जाएगी – संयुक्त सचिव भारत शासन सिद्धार्थ जैन

1 min read

नर्मदापुरम। नवंबर के अंत तक सभी नवीन एम पैक्स सोसाइटी कंप्यूटरीकृत की जाएगी। कंप्यूटरीकृत कार्य सोसाइटियों के सचिव ही देखेंगे। सहकारिता से डेयरी एवं मत्स्य समितियो को भी संलग्न किया जाएगा, साथ ही वनोंपज सहकारी समितियां वन औषधि शहद, चिरौंजी एवं अन्य वन्य उत्पादनो की पैकेजिंग व मार्केटिंग करें। उक्त निर्देश भारत शासन के संयुक्त सचिव सहकारिता सिद्धार्थ जैन ने सोमवार को आयोजित सहकारिता विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी, संयुक्त आयुक्त विकास जीसी दोहर सहित हरदा नर्मदा पुरम एवं बैतूल जिले के डीआरसीएस एवं सहकारिता विभाग के संबंधित अधिकारी गण उपस्थित थे।

संयुक्त सचिव जैन ने कहां की नर्मदा पुरम संभाग में 37 पैक्स सोसायटी बनी है, उन सभी सोसाइटियों को मजबूत करने की आवश्यकता है। इन सोसाइटियों के पास स्वयं का ऑफिस एवं गोदाम होना चाहिए। जहां पर वह फर्टिलाइजर, यूरिया, खाद, बीज स्टोर कर सके। उन्होंने निर्देश दिए की सोसाइटी किसी पर आश्रित ना रहे एवं स्वयं के व्यय पर ऑफिस और गोदाम का मैनेजमेंट करना सुनिश्चित करें। जैन ने कहा कि पैक्स सोसाइटी इसलिए बनाई गई है ताकि दूर-दूर के किसानों को फर्टिलाइजर यूरिया एवं खाद लेने के लिए अन्य दूर की सोसाइटी में न जाना पड़े, उन्हें नजदीक की पैक्स सोसाइटी में ही सभी चीज उपलब्ध हो सके। जैन ने निर्देश दिए की सोसाइटी सबसे पुरानी संस्था है जो किसानों के हित के लिए बनाई गई है। सभी सोसाइटियों का यह प्रयास रहे कि वह किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष तौर पर प्रयास करें। हर व्यक्ति की आमदनी बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था प्रजातंत्र के साथ आर्थिक समावेश वाली अर्थव्यवस्था है। सहकारिता उसकी धूरी है। सहकारिता के माध्यम से प्रति व्यक्ति आय बढ़े यही सहकारिता की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सहकारिता मंत्रालय सुपर स्पीड से काम करता है इसी तरह सभी सोसाइटियां भी तेज गति से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सहकारिता से डेयरी एवं मत्स्य समितियों को भी जोड़ा गया है। जितने भी विभाग की कल्याणकारी योजना है उन सबको सहकारिता से जोड़ा जाएगा।

डीआरसीएस को निर्देश दिए की वे पैक्स सोसाइटियों के कार्य और पद्धति का और अधिक अध्ययन करने के लिए कर्नाटक, गुजरात उड़ीसा जैसे राज्य में जाकर देखे। श्री जैन ने निर्देश दिए की इन राज्यों में पैक्स समिति की आय में बेतहाशा वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अमूल्य डेयरी गुजरात, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे राज्यों में बेहतर तरीके से कार्य कर रही है। सभी अधिकारी एक बार इन राज्यों का भ्रमण कर अमूल्य डेयरी की वस्तु स्थिति का अध्ययन अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि जिलों की सभी दुग्ध डेयरी को सहकारी समितियों से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में रिकवरी की स्थिति भी अच्छी है। अधिकारी इस पहलू का भी अध्ययन करने के लिए

उन राज्यों का भ्रमण अनिवार्य रूप से करें।  जैन ने कहा कि सहकारिता की पहली एक्टिविटी क्रेडिट रहेगी, नाबार्ड के माध्यम से फाइनेंस फिक्स किया जाएगा साथ ही विभिन्न विभागों से मिलने वाले सहयोग के संबंध में कलेक्टर के माध्यम से सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि मत्स्य समिति को भी पैक्स सोसाइटी से जोड़ा जाएगा। मत्स्य समितियां को मत्स्य उत्पादन के लिए तालाब और मार्केट सोसाइटियों के माध्यम से उपलब्ध कराये जाएगे। श्री जैन ने कहां की नर्मदा पुरम संभाग के तीनों जिलों में उपजाऊ भूमि है। पानी की कोई कमी नहीं है। फसल की पैदावार भी बहुत अच्छी है। यहां पशुपालन एवं मत्स्य पालन की अपार संभावना है। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियां लोगों की लाइफ बदल रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग को नए-नए आयाम स्थापित करने चाहिए। जैन ने निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग किसानों के लिए वृहद्ध स्तर पर एटीएम स्थापित करें, एटीएम कार्ड भी वितरित करें। डेबिट कार्ड किसानों को दें। उन्होंने बहु राज्य सहकारी समितियां की सदस्यता का सर्टिफिकेट शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया।

जैन ने नवीन पैक्स सोसाइटियों में मत्स्य एवं दूध सहकारी संस्थाओं के पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की, साथ ही नवीन पैक्स सोसाइटी के व्यवसाय की प्रगति की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने सहकारी समितियों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की प्रगति का अवलोकन किया। बताया गया कि नर्मदा पुरम में जिले में दो एवं बैतूल में तीन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं। जैन ने कॉमन सर्विस सेंटर की प्रगति का अवलोकन किया साथ ही सहकारिता में सहकार अंतर्गत खोले गए दुग्ध एवं मत्स्य किसानो के खातों की संख्या का अवलोकन किया।

 

About The Author

Leave a Reply