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कलेक्टर ने जन समुदाय को दी लू से बचाव के साधन अपनाने की सलाह

नर्मदापुरम । भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी मौसमी दृष्टिकोण के अनुसार माह मई 2025 में तापमान औसत से अधिक होने की संभावना है। इसके कारण अधिकांश भागो में लू (तापघात) की स्थिति निर्मित हो सकती है। जिले में संभावित लू के प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए इससे होने वाली क्षति को कम करने के लिए जिला स्तर पर जन समूदाय को लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव के लिए आवश्यक सुझाव तथा निर्देश जारी किये गये है। इस संबध में कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने गत दिवस सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं और प्रकोप से बचाव के निर्देश जारी किये है।

कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने गत दिवस सभी संबंधित विभाग को निर्देश दिये है कि भारतीय मौसम विज्ञान द्वारा लू से संबन्धित दी गई चेतावनी अनुसार आवश्यकतानुसार विधिवत परिवर्तन करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जावें। लू से प्रभावित होने पर प्राथमिक उपचार के लिए उपचार बॉक्स की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। संस्थाओं में शीतल पेय जल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। पेय जल श्रोत के आसपास सफाई एवं स्वछता सुनिश्चित की जावे। अस्पतालों/आपातकालीन सेवा प्रदान करने वाले संस्थाओं/ विभागों का संपर्क के लिए रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।  “ लू से बचाव ” से के लिए आवश्यक निर्देश/ सुझाव बैनर लगाए जावें। लू (तापघात) प्रबंधन के सम्बन्ध में शिक्षकगण विद्यार्थियों को कक्षाओं में अवगत करावें।

सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग को निर्देश

कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिये है कि शहर के ऐसे स्थलों को चिन्हित किया जाये जहाँ भिक्षुक अथवा शारीरिक रूप से कमजोर एवं नि:शक्तजन अधिक संख्या में रहते हों; तथा उन जगहों पर शीतल जल तथा छाया की व्यवस्था की जावे। ऐसे लोगों के लू से प्रभावित होने की स्थिति में इन्हें तत्काल चिकित्सालय पहुँचाने हेतु आवश्यक व्यवस्था की जावे।

पशु-पालन विभाग को निर्देश

कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने पशु पालन विभाग को निर्देश जारी किये है कि पशुओं को लू से बचाव के लिए विभागीय योजना तथा गौपालकों/पशुपालकों को “ पशुओं को लू से बचाव सम्बन्धी ” जानकारी प्रदान करने के लिए जनजागृति कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए मैदानी स्तर के कर्मचारियों को निर्देशित किया जावे। पशु चिकित्सा से सम्बंधित दवाओं और उपकरण की स्थिति का आंकलन एवं स्टोरज किया जावे।  पशुओं के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किया जावे।

लू (तापघात) से बचाव के लिए सावधानियां की सलाह

पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नीबू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन कर तरो-ताजा रहें। यथा संभव दोपहर 12 से 03 बजे धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें। धूप में निकलने के पूर्व तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें। अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें। गरिष्ठ, वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।

 

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