जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम के मार्ग पर भूस्खलन हुआ है।

आज की सबसे बड़ी और दुखद धार्मिक खबर—
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम के मार्ग पर भूस्खलन हुआ है।
यह हादसा अरधकुंवारी क्षेत्र में दोपहर भारी बारिश के बीच हुआ।
भूस्खलन इतना तेज़ और अचानक था कि देखते ही देखते चट्टानें नीचे आ गिरीं और मार्ग पर चल रहे श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।
इस दुर्घटना में अब तक की जानकारी के मुताबिक 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है और करीब 20 लोग घायल हुए हैं।
घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद यात्रा को तत्काल रोक दिया गया है।
कटरा और अरधकुंवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंसे रहे, जिन्हें सुरक्षित निकालने का काम जारी है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से आए 32 श्रद्धालु लगभग 48 घंटे तक फंसे रहे और बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।
हालाँकि, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी, तो यात्रा क्यों नहीं रोकी गई।
कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा “बम धमाके” जैसा था और प्रशासन की तैयारी बेहद कमजोर दिखाई दी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ते धार्मिक पर्यटन, तीर्थ स्थलों पर बढ़ती भीड़ और कमजोर अवसंरचना के कारण इस तरह की त्रासदियाँ अब बार-बार देखने को मिल रही हैं।
चारधाम और अब वैष्णो देवी हादसा यह संकेत देता है कि सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।