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राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने संसद में “स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025” का समर्थन किया 

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नर्मदापुरम। राज्यसभा में सोमवार को “स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025” पर चर्चा के दौरान सांसद माया नारोलिया ने कहा कि यह विधेयक केवल राजस्व जुटाने का उपाय नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य ढांचे और दीर्घकालिक तैयारी को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है।

श्रीमती नारोलिया ने कहा कि यह विधेयक देश को उस “आकस्मिक फंडिंग मॉडल” से बाहर लाता है, जो पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में देखने को मिला था। “यू.पी.ए. शासन में न महामारी तैयारियों का स्थायी ढांचा था, न सुरक्षा संकटों से निपटने के लिए कोई दीर्घकालिक कोष”।

उपकर केवल पान मसाला जैसे उत्पादों पर

सांसद ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित उपकर का असर आम जनता पर नहीं पड़ेगा। यह केवल पान मसाला जैसे चयनित उत्पादों पर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “कुछ लोग इसे जनता पर बोझ बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश करेंगे, जबकि यह पूर्णत: लक्षित और न्यायसंगत कर व्यवस्था है।”

पहलगाम हमले और लाल किले के पास विस्फोट का जिक्र

सदन में हाल ही के सुरक्षा घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए श्रीमती नारोलिया ने कहा कि सुरक्षा खतरे बदल रहे हैं और उसी अनुरूप देश की तैयारियाँ भी मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उपकर से प्राप्त निधि को— निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, आधुनिक गतिशीलता प्रणालियाँ एवं खुफिया ढांचे को मजबूती देने में इस्तेमाल किया जाएगा।

स्वास्थ्य को राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बताया

श्रीमती नारोलिया ने कहा, “सीमा सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही आवश्यक एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली है।” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए है। AB-PMJAY, PM-ABHIM,तथा डिजिटल हेल्थ मिशन जिन्हें इस उपकर से दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि आज देश में 79.9 करोड़ ABHA डिजिटल स्वास्थ्य खाते और 67 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार हो चुके हैं, जबकि यू.पी.ए. काल में ऐसी कोई डिजिटल व्यवस्था नहीं थी।

टेक्नोलॉजी आधारित कर व्यवस्था विधेयक में उपकर देयता को उत्पादन मशीनों की गति व क्षमता से जोड़ने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कम घोषित उत्पादन, कर चोरी,और लीकेज रुकेंगे।

उन्होंने कहा कि 2025–26 के बजट में रक्षा के लिए ₹6.81 लाख करोड़ का प्रावधान और BRO का बढ़ा हुआ बजट इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार सीमा बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित कर रही है। यह उपकर इस गति को स्थायी आधार देगा। यह केवल पान मसाले का उपकर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा है, अंत में सांसद माया नारोलिया ने कहा कि यह विधेयक सुरक्षा, स्वास्थ्य, पारदर्शी कर व्यवस्था, तकनीक-संचालित शासन, और दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करेगा।

 

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