आरओबी निर्माण की गुणवत्ता की शिकायत रेलमंत्री से की राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने, जांच का आदेश
इटारसी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर द पार्क होटल के सामने बने रेलवे ओवरब्रिज के गुणवत्ता-विहीन निर्माण को लेकर सांसद माया नारोलिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नारोलिया की शिकायत पर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने पूरे मामले पर चिंता जाहिर करते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। नारोलिया ने ओवरब्रिज के निर्माण में हुई अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार, इंजीनियर एवं संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है। सांसद ने बताया कि ओवरब्रिज निर्माण के बाद यातायात शुरू होते ही पुल पर दरारें, डामर उखड़ने के बाद बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे थे। पुल की खराब गुणवत्ता के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आमजन की जान जोखिम में पड़ गई है। इस संबंध में स्थानीय समाचार पत्रों में भी कई बार फोटो सहित खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। माया नारोलिया ने बताया कि उन्होंने 25 अक्टूबर 2024 को भोपाल मंडल क्षेत्र की समीक्षा बैठक में इस पुल की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदार एजेंसी व इंजीनियर पर कार्रवाई की मांग की थी। उस समय पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक द्वारा मरम्मत कराए जाने की बात कही गई, लेकिन जमीनी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 24 सितंबर 2025 एवं 31 अक्टूबर 2025 को हुई बैठकों में भी रेलवे द्वारा वही जवाब दोहराया गया, जबकि उसी दिन पुल पर ट्राला दुर्घटनाग्रस्त हो गया और लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही। लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जनता के आक्रोश को देखते हुए सांसद ने 7 नवंबर 2025 को जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और रेलवे अधिकारियों के साथ ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डिप्टी चीफ इंजीनियर एवं सहायक इंजीनियर पुल निर्माण से संबंधित स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ नजर आए। अधिकारियों द्वारा शाम तक जानकारी देने का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि ओवरब्रिज के बेस में मिट्टी दिखाई दे रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आधार ही कमजोर है। बेस खराब होने के कारण पूरा ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो रहा है और रेलिंग भी तिरछी होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गई है। रेलवे अधिकारियों द्वारा बताया गया ग्रेडियंट भी वास्तविकता से मेल नहीं खाता। इसके बावजूद सुधार कार्य को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं की गई।
सांसद ने पत्र में यह भी सवाल उठाया है कि जब पुल को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं, तब रेलवे द्वारा कार्य एजेंसी को पूरे भुगतान क्यों किए गए, यह संदेह का विषय है। उन्होंने रेल मंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों से राशि की वसूली की जाए और विशेषज्ञों की निगरानी में ही सुधार या पुनर्निर्माण कार्य कराया जाए।
इसके साथ ही सांसद माया नारोलिया ने नर्मदापुरम में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुए घटिया निर्माण कार्य की शिकायत भी रेल मंत्री से की है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
उक्त मुलाकात के दौरान श्रीमती नारोलिया जी ने जबलपुर रायपुर इंटरसिटी ट्रेन का नाम महान संत “जिन्ब विद्यासागर जी” के सम्मान में आचार्य विद्यासागर इंटरसिटी ट्रेन अथवा उनके प्रसिद्ध ग्रंथ के नाम पर मुकमाटी इंटरसिटी ट्रेन रखे जाने का प्रस्ताव भी रेल मंत्री के समक्ष रखा।
