श्रम विभाग के अमले ने दुकानों और प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण बाल श्रम उन्मूलन हेतु संचालित जन-जागरूकता अभियान के दौरान लगाए गए जागरूकता स्टीकर
रिपोर्टर :- अर्जुन कुशवाह
सिवनी मालवा । बाल श्रम की पहचान एवं विमुक्ति के उद्देश्य से मंगलवार को जिला टास्क फोर्स के सहयोग से शहर में संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत गैराज लाइन, गन्ने की दुकानों सहित विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
इस अभियान में श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू, उप निरीक्षक थाना नागेश वर्मा, आरक्षक अर्जुन गुर्जर एवं रविंद्र मासीदकर, शिक्षक शेख रहीस कुरैशी, महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर अस्मा खान तथा एसजेपीयू (SIPU) इटारसी से श्री रोहित कुमार उपस्थित रहे। अभियान के दौरान संबंधित संस्थानों में बाल श्रम रोकथाम संबंधी स्टीकर लगाए गए तथा नियोजकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से बताया गया कि 14 वर्ष तक के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
साथ ही 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक कार्यों जैसे खान, ज्वलनशील पदार्थों, विस्फोटक एवं अन्य जोखिमपूर्ण प्रक्रियाओं में नियोजित करना कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने बताया कि बालकों का नियोजन तथा किशोरों को खतरनाक उद्योगों में कार्य पर लगाना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उल्लंघन की स्थिति में दोषी नियोजक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक का कारावास अथवा 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
