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नरवाई प्रबंधन एवं आगजनी रोकथाम पर जनपद पंचायत नर्मदापुरम में उच्च स्तरीय बैठक विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा की अध्यक्षता में ।

नर्मदापुरम । विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा की अध्‍यक्षता में नरवाई (पराली) प्रबंधन एवं फसल अवशेषों से होने वाली आगजनी की घटनाओं की रोकथाम हेतु जनपद पंचायत नर्मदापुरम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

विधायक डॉ. शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्र के किसानों की फसलों, पर्यावरण एवं जन-जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से होने वाली आग की घटनाएं न केवल पर्यावरण को क्षति पहुंचाती हैं, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेरती हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल दोषियों पर ही कड़ी कार्रवाई हो, निर्दोष किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में विधायक डॉ. शर्मा ने प्रमुख निर्देश एवं सुझाव देते हुए कहा कि भूसा मशीनों (पराली चॉपर/मल्चर) का उपयोग दोपहर की तीव्र गर्मी में बिल्कुल न किया जाए। उपयोग का समय सुबह 10-11 बजे से पहले एवं शाम 6 बजे के बाद तक सीमित रखा जाए, ताकि आग लगने की संभावना न्यूनतम हो। खेतों में बिजली आपूर्ति की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा अनावश्यक/अप्रासंगिक समय पर बिजली सप्लाई बंद रखी जाए, जिससे शॉर्ट सर्किट से आग की घटनाएं रोकी जा सकें। सभी ट्रैक्टरों में फायर फाइटर पंप अनिवार्य रूप से लगे हों। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि खराब या अनुपस्थित पंपों की मरम्मत/स्थापना तत्काल कराई जाए। ट्रैक्टर एवं वाटर टैंकर हमेशा चालू एवं तैयार हालत में रखे जाएं। रोटर वेटर एवं बक्खर का उपयोग कर फसल कटाई के बाद नरवाई को प्रभावी ढंग से साफ किया जा सकता है, जिससे आग फैलने से रोकी जा सकती है। भूसा मशीनों के साथ पानी की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य हो, ताकि आकस्मिक आग बुझाने में तत्काल सहायता मिल सके। लोकल स्तर पर भूसे के बड़े उपभोक्ताओं (जैसे ईंट भट्टे, फीड मिल आदि) से समन्वय स्थापित कर भूसा का विक्रय बढ़ाया जाए, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ हो एवं नरवाई जलाने की प्रवृत्ति कम हो तथा शहर से सटे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाए, जहां आवाजाही अधिक होने से खतरा बढ़ जाता है।

बैठक में एसडीएम श्री जय सोलंकी ने कलेक्टर के निर्देशानुसार नियमित बैठकों की जानकारी दी तथा प्रत्येक गांव में वाटर टैंकर तैयार रखने, आपात स्थिति में किसानों द्वारा पारस्परिक सहायता एवं सीएचसी केंद्रों पर उपलब्ध मशीनों के उपयोग पर बल दिया। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री चौकसे ने पंचायत स्तर पर फायर फाइटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा 2 दिनों में टैंकर एवं उपकरणों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश तैराकी संघ अध्यक्ष श्री पियूष शर्मा ने भूसा प्रबंधन को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर सुझाव दिए।

विधायक डॉ. सीतासरण शर्मा ने बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि यह केवल बैठक नहीं, बल्कि किसानों की रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि समन्वय एवं जागरूकता से नरवाई की आग पर पूर्ण नियंत्रण संभव है। गांवों में मुनादी कराई जाए तथा आग बुझाने हेतु टैंकरों का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए।

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