नर्मदा नदी में मशीनों से उत्खनन पर रोक लगे, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई – डॉ. अखिलेश खंडेलवाल
नर्मदापुरम। नर्मदा नदी के तट पर पिचिंग निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री के लिए ठेकेदार द्वारा शासकीय अधिकारियों के संरक्षण में ऐतिहासिक और प्राचीन प्राकृतिक संरचना का मशीनों के माध्यम से किए जा रहे उत्खनन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संयोजक (झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ) डॉ. अखिलेश खंडेलवाल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप एवं सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि नर्मदापुरम क्षेत्र में नर्मदा नदी से उत्खनन हेतु मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे नदी तट पर स्थित प्राकृतिक “कंकड़ घाट” को नुकसान पहुंचाया गया है। यह नर्मदा की प्राकृतिक संरचना के साथ गंभीर छेड़छाड़ है और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि नर्मदा को जीवित इकाई का दर्जा प्राप्त है, ऐसे में मशीनों से उत्खनन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पूर्व में भी इस प्रकार के मामलों में कार्रवाई की गई थी, बावजूद इसके पुनः ऐसी गतिविधियां सामने आना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
डॉ. खंडेलवाल ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा संबंधित ठेकेदारों, खनिज एवं निर्माण एजेंसी शासकीय विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नर्मदा की प्राकृतिक संरचना की रक्षा हो सके।
कार्यवाही की प्रत्याशा है।
