नर्मदा संरक्षण हेतु ‘नमन मिशन’ गठन का कैबिनेट निर्णय ऐतिहासिक – डॉ. अखिलेश खंडेलवाल
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नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद द्वारा जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)’ के गठन को स्वीकृति दिए जाने का प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा डॉ. अखिलेश खंडेलवाल ने स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है।
डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल नर्मदा नदी के संरक्षण को नई दिशा देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और उसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि मिशन की कार्यकारिणी समिति में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद (IRMA), राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) तथा राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इससे नर्मदा संरक्षण के कार्यों में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि नर्मदा संरक्षण एवं उससे संबंधित विकास कार्यों के लिए मिशन निधि के अंतर्गत प्रतिवर्ष अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, नदी तट विकास तथा पर्यावरण संवर्धन के कार्यों को गति मिलेगी। इसके अतिरिक्त कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), केंद्रीय सहायता तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से जन-सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, समाज, विशेषज्ञ संस्थानों एवं नागरिकों की सहभागिता से नर्मदा संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप लेगा तथा मध्यप्रदेश पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।
